अब ‘केरल’ नहीं, ‘केरलम’ कहिए! भारत सरकार बदलने जा रही है राज्य का नाम

 

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य केरल की बरसों पुरानी मांग अब पूरी होने वाली है। भारत सरकार राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी देने की तैयारी में है। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक होगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई अस्मिता को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

केरल विधानसभा का सर्वसम्मत प्रस्ताव

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया था कि संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन कर राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ किया जाए।

क्यों बदला जा रहा है नाम?

नाम बदलने के पीछे का मुख्य कारण मलयालम भाषा और स्थानीय संस्कृति का सम्मान है:

स्थानीय पहचान: मलयालम भाषा में राज्य को हमेशा से ‘केरलम’ ही कहा जाता है।

सांस्कृतिक जड़ें: ‘केरल’ शब्द का अंग्रेजी और हिंदी में अधिक उपयोग होता है, जबकि स्थानीय लोग अपनी मातृभूमि को ‘केरलम’ के रूप में ही पहचानते हैं।

संविधान में बदलाव: राज्य सरकार चाहती है कि आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों और भारतीय संविधान में भी इसी नाम का उपयोग हो।

अगला कदम क्या होगा?

केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद, गृह मंत्रालय इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद:

सभी सरकारी रिकॉर्ड और मानचित्रों में नाम अपडेट किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राज्य को ‘केरलम’ के नाम से संबोधित किया जाएगा।

स्टेशन, एयरपोर्ट और साइनबोर्ड्स पर नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी।

विशेष तथ्य: यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य या शहर का नाम बदला गया हो। इससे पहले ‘उड़ीसा’ को ‘ओडिशा’ और ‘पांडिचेरी’ को ‘पुडुचेरी’ किया जा चुका है। ‘केरलम’ इस कड़ी में नवीनतम नाम होगा।

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

Leave a Comment