रिपोर्ट: आशीष प्रजापति (संवाददाता)
निवाड़ी। जिले की ग्राम पंचायत चुरारा में प्रस्तावित स्टोन क्रेशर और खनन लीज के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुँचे और कलेक्टर व स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर इस स्वीकृति को तत्काल निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी आस्था और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि खसरा नंबर 546 एवं 547/3/1 की शासकीय भूमि, जहाँ खनन की तैयारी की जा रही है, वहाँ वर्षों पुराने और आस्था के प्रमुख केंद्र स्थित हैं। इसमें प्राचीन चन्द्रामाता मंदिर, हनुमान मंदिर और मौनी महाराज का आश्रम शामिल है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुँचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टोन क्रेशर शुरू होने से इन मंदिरों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा।
सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल, धांधली का आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खनन लीज की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। आरोप है कि:
स्थल का बिना उचित निरीक्षण किए ही भ्रामक रिपोर्ट तैयार कर ली गई।
आबादी क्षेत्र और धार्मिक स्थलों की दूरी को नजरअंदाज किया गया।
खनन से निकलने वाली धूल और ब्लास्टिंग से आसपास की पूरी आबादी प्रभावित होगी।
निरस्तीकरण और निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि प्रशासन ने इस जनविरोधी स्वीकृति को निरस्त नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि क्षेत्र की धार्मिक आस्था और आमजन के हितों के साथ कोई समझौता न हो।
प्रकाशन: इंडिया वार्ता न्यूज़








