असोथर (फतेहपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) असोथर में जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। अस्पताल में मिली गंभीर अनियमितताओं और मरीजों की शिकायतों के आधार पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि संविदा फार्मासिस्ट को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने 24 जून को पीएचसी असोथर का संयुक्त औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन, प्रशासनिक व्यवस्था और अभिलेखों के रखरखाव में भी गंभीर कमियां पाई गईं।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिटौरा में तैनात कर दिया गया। उन्हें 24 घंटे के भीतर कार्यभार हस्तांतरित कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल पहुंचे मरीजों और लाभार्थियों ने संविदा फार्मासिस्ट बुद्धी लाल गुप्ता के खिलाफ भी कई शिकायतें दर्ज कराईं। आरोप है कि वह चिकित्सकों के पर्चे से बाहर की दवाइयां लिखते थे, मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करते थे तथा विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग करते थे।
शिकायतों को गंभीर मानते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बुद्धी लाल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उनके विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही, अव्यवस्था और मरीजों के साथ अनुचित व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।








