फतेहपुर। जिले में ग्रामीणों को हर घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं। लगभग 1900 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस योजना के तहत जिले के 303 गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य होना था, लेकिन कई गांवों में वर्षों बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर पानी की टंकियां अधूरी हैं, कहीं पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा नहीं हुआ है तो कई गांवों में निर्माण के बाद भी अब तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इससे लोगों को आज भी पेयजल के लिए हैंडपंप और अन्य पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 से कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन धीमी गति और अधूरे निर्माण के कारण योजना का लाभ बड़ी संख्या में ग्रामीणों तक नहीं पहुंच सका है। कई स्थानों पर ठेकेदारों द्वारा कार्य बंद किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने, गुणवत्ता की जांच कराने तथा जलापूर्ति शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब सभी गांवों में समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।








