पर्ची मिलने के आरोप के बाद रिस्टीकेट छात्र की मौत, विद्यालय की भूमिका पर उठे सवाल

 

फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरम स्थित सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। परिजनों ने परीक्षा के दौरान छात्र के पास कथित रूप से पर्ची मिलने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने और उसके साथ मारपीट किए जाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

परिजनों के मुताबिक छात्र तेजस उर्फ यशु पुत्र दिलीप द्विवेदी निवासी मुरांव कक्षा 12-बी में पढ़ता था। परीक्षा के दौरान उसके पास कथित रूप से पर्ची मिलने की बात सामने आई। आरोप है कि विद्यालय में उस पर 1500 रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसे रिस्टीकेट कर दिया गया। इसी दौरान छात्र के साथ मारपीट किए जाने की भी चर्चा है। परिजनों का कहना है कि घटनाक्रम के बाद छात्र साइकिल से विद्यालय से निकल गया।

कुछ समय बाद छात्र मलवां थाना क्षेत्र के सौंरा के पास अचेत अवस्था में मिला। उसके पास मौजूद विद्यालय के आई-कार्ड के आधार पर पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और छात्र को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे कानपुर लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में छात्र ने दम तोड़ दिया।

 

परीक्षा के दौरान क्या हुआ, जांच का विषय

 

छात्र की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा केंद्र अथवा विद्यालय परिसर में उसके साथ वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ। यदि छात्र के पास पर्ची मिली थी तो उसके खिलाफ किस नियम के तहत कार्रवाई की गई? 1500 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान क्या था? रिस्टीकेशन का कोई लिखित आदेश जारी किया गया था या नहीं? अभिभावकों को इसकी सूचना दी गई थी या नहीं?

 

इसके अलावा परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोप भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। छात्र विद्यालय से निकलने के बाद सौंरा तक कैसे पहुंचा और वहां किन परिस्थितियों में अचेत हुआ, इसका जवाब भी जांच में सामने आना जरूरी है।

 

सरकारी अवकाश में परीक्षा कराने के आरोप से बढ़ी उलझन

 

मामले में परिजनों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि सरकारी अवकाश के दिन विद्यालय में परीक्षा कराई जा रही थी। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो परीक्षा संचालन और विभागीय निर्देशों के पालन को लेकर भी सवाल उठेंगे। हालांकि इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन का पक्ष और संबंधित शिक्षा विभाग की स्थिति सामने आना अभी बाकी है।

 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

 

छात्र की मौत के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि छात्र की मौत किस वजह से हुई। क्या उसके शरीर पर चोट के निशान थे, उसकी मेडिकल जांच में क्या सामने आया और विद्यालय से निकलने के बाद उसके साथ क्या हुआ—इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिल सकेंगे।

 

छात्र की मौत ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। साथ ही विद्यालयों में अनुशासनात्मक कार्रवाई के तरीके, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाएं। आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो स्थिति भी स्पष्ट की जाए।

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Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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